#युद्ध #शान्त_प्रार्थन”””””””””””””””””””

शान्त_प्रार्थना 🙏🌺🙏


थर-थराती ज़िन्दगी
बिखरे से हालात
बर्बरता के दौर में
वे पूछते हैं –
कौन किसके साथ ?
उसने कहा –
वो देखो !
जमींदोज हो रहीं इमारतों में
छूटते अपने ,
बिछड़ते पलों में
बस ! हाहाकार
राख-औ-धुंआ होंगे साथ…
वीभत्सता ,
रिक्तता और उजाड़ राहों
के मंज़र ,
दुआओं के दौर में
बस ,
दर्द-औ-आँसू रहेंगे साथ .
हमने भी कहा –
राख के पहाड़ों में
दबे , सुनसान
पसरे सन्नाटों में
हाँ , देखना !
कुछ रह जाएंगे शेष …
शेष रह गए
उठाएंगे अपना हाथ
और
उन जर्जरीभूत
हाथों से भी ,
वे करेंगे एक प्रार्थना
बस !
एक शान्त प्रार्थना …
उनके लिए भी
जिन्होंने बनाए बम
न शब्द , न भाषा
होंगीं तो बस कुछ संवेदनाएंँ ,
कुछ भावनाएंँ
और
फिर
आँसू के स्याह से
लिखे जाएंगे
संधि – पत्र . - अपर्णा विश्वनाथ .

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