कथनी और करनी


आप जो कहते हैं वह करो और जो करते हैं वही कहो ।
कहने का अर्थ यह कि हमें झूठ बोलने से बचना चाहिए।
हमें ऊल-जुलूल बातें नहीं करनी चाहिए।
कहावत है ना ईमानदारी सर्वोत्तम नीति है। इससे हममें हिम्मत और आत्मविश्वास आता है। यह बातें आम है फिर भी हर पालक अपने बच्चों को इस बात को तरह तरह के उदाहरणों से समझाने की कोशिश करते रहते हैं।
ताकि वे अच्छे इंसान और अच्छे नागरिक बनें।
हमेशा की तरह आज भी बालविकास क्लास में  छोटे छोटे बच्चें अपने अपने सिस्टम में समय से लॉग इन कर स्क्रीन पर ध्यान से देख रहे थे और बराबर हर बात सुन भी रहे थे।
पहले दस मिनट श्लोका चैंटिंग किए फिर एक एनिमेशन बाल गणेशा और कोविड पर फिल्म देखें।
बीच बीच में हंसी और अपने छोटे-छोटे भाई-बहनों के साथ झड़प भी। यही तो ऑनलाइन क्लासेस की खुबसूरती है कह लीजिए।
एक घंटे के क्लास में हमेशा की तरह अच्छी बातें, नैतिक मूल्य, घर पर माता-पिता और अपने से छोटों के प्रति जिम्मेदारियों को निभाने को लेकर हल्की फुल्की बातों के साथ उनके अनुभवों को भी सुना जा रहा था।
क्लास के आखिरी दस मिनटों में बच्चों को एक मिनट आँखें बंद कर ध्यान करने के लिए कहा गया। बहुत छोटे उम्र के बच्चों को ध्यान करवाना मुश्किल है इसलिए उनसे कहा गया कि एक मिनट अपनी अपनी आँखें बंद कर लंबी लंबी सांँस लेते हुए  मन मन में ” ऊँ “बोलना है। एक मिनट बाद आँख खोलने को कहा गया। किसने कितने बार ऊँ  बोला यह पूछा गया।
“मिराया” झट से बोली मैम मैंने सौ बार।

अरे वाह मिराया ।
“अदम्य” ने कहा मैंने सताइस। शबाश !
आरिका ने कहा मैम मैंने पाँच। बहुत अच्छे आरिका। सबने उसके जवाब का स्वागत किया।
फिर किसी ने कहा दो सौ बार।
नक्षत्रा (चार साल की )तुम ने कितनी बार ?
गालों पर बड़े मासुमियत से अपने दोनों हाँथ रख कर धीरे से कहती हैं…
मैम पहले तो मुझसे नहीं हुआ। फिर जब हुआ तो मैं तीन बार ही ऊँ कर पाई और नहीं कर पाइ। टाइम (एक मिनट) हो गया।
वाह नक्षत्रा !
हम सभी बड़े लोगों ने उसकी सच्चाई और दृढ़ता पर ताली बजाकर शाबाशी दी।
फिर सबको कहा गया कि जितना आपसे हो पाया उतना ही कहना चाहिए बढ़ा-चढ़ाकर नहीं बोलना चाहिए।
हालांँकि नक्षत्रा काफी छोटी है बावजूद उसकी सच और दृढ़ बोलने की अदा ने हम सबका मन मोह लिया।
और एक मिनट के  गतिविधि में ही सुन्दर सा उदाहरण कि कथनी और करनी में अंतर नहीं होना चाहिए और ईमानदारी सर्वोत्तम नीति है का पाठ पढ़ाया गया। सभी बच्चों ने कहा हाँ अब से हम सच्ची बात ही करेंगे।
Say What You Mean and Mean What You Say…

-अपर्णा विश्वनाथ

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