नाउम्मीदी जब हद पार कर जाती है तब कोई न कोई उम्मीद की किरण परमात्मा जरूर देता है । बस आप दुआ प्रार्थना अरदास करते रहिए। आपकी जिंदगी बचाने कोई न कोई नानक जरूर आएंगे।बस एक दूसरे को थामे रखें किसी का साथ न छोड़ें इस महामारी की विकट परिस्थिति में। कल का पता नहीं आज में जिएं, नि:स्वार्थ भाव से इस महामारी के समय में किसी एक की भी सहायता किजीए इससे बड़ा कोई धर्म नहीं…

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